श्रीलिङ्गमहापुराण
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श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -045
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -045 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ पैंतालीसवाँ अध्याय भगवान् रुद्र के विराट् स्वरूप तथा सात पाताल लोकों का वर्णन श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे पञ्चचत्वारिंशोऽध्यायः पातालवर्णनं ऋषिगण बोले — हे सूतजी !…
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श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -044
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -044 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ चौवालीसवाँ अध्याय भगवान् शिव द्वारा नन्दिकेश्वर को गणों के अधिपति के रूप में प्रतिष्ठित करना एवं सभी देवों के द्वारा नन्दिकेश्वर का अभिषेक…
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श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -043
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -043 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ तैंतालीसवाँ अध्याय शिलाद द्वारा पुत्र नन्दिकेश्वर को वेदादि की शिक्षा प्रदान करना, ऋषियों द्वारा नन्दिकेश्वर की आयु अल्प बताने पर शिलाद का दुःखी…
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श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -042
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -042 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ बयालीसवाँ अध्याय शिलाद द्वारा तप करने से भगवान् महेश्वर का नन्दी नाम से उनके पुत्र के रूप में प्रकट होना और शिलाद द्वारा…
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श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -041
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -041 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ इकतालीसवाँ अध्याय विभिन्न कल्पों में त्रिदेवों का परस्पर प्राकट्य तथा ब्रह्मा द्वारा महेश्वर की नामाष्टक स्तुति का वर्णन श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे एकचत्वारिंशोऽध्यायः इन्द्रवाक्यं इन्द्र…
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श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -040
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -040 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ चालीसवाँ अध्याय कलियुग के धर्मों का वर्णन, कलियुग में धर्म आदि का ह्रास तथा स्वल्प भी धर्माचरण का महत्फल एवं कलियुग के अन्त…
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श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -039
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -039 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ उनतालीसवाँ अध्याय सत्ययुग, त्रेतायुग तथा द्वापरयुग का वर्णन, द्वापर में वेदसंहिता के विभाजन का एवं कल्पभेद से विविध पुराणों के अनुक्रम का वर्णन…
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श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -038
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -038 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ अड़तीसवाँ अध्याय विष्णु द्वारा महेश्वर के माहात्म्य का कथन तथा नारायण द्वारा सृष्टि का वर्णन श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे अष्टत्रिंशोऽध्यायः वैष्णवकथनं नन्दीश्वर बोले — तदनन्तर…
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श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -037
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -037 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ सैंतीसवाँ अध्याय नन्दी के जन्म का वृत्तान्त, ब्रह्मा तथा विष्णु का परस्पर संवाद और शिव द्वारा दोनों पर अनुग्रह करना श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे सप्तत्रिंशोऽध्यायः…
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श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -036
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -036 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ छत्तीसवाँ अध्याय राजा क्षुप द्वारा विष्णु की आराधना, विष्णु द्वारा शिवभक्तों की महिमा का कथन श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे षट्त्रिंशोऽध्यायः क्षुपदधीचिसंवाद नन्दीश्वर बोले — […


