“दीपावली” की सन्ध्या में सूर्यास्त के बाद उक्त यन्त्र लिखना प्रारम्भ करे। अगले दिन सूर्योदय तक यन्त्र लिखता रहे। सूर्योदय के समय अन्तिम यन्त्र एक बड़े कागज के ऊपर लिखकर ‘पूजा-स्थान में रखे। उसे धूप-दीप दिखाए। साथ ही, एक छोटा यन्त्र भी बनाकर उसे ‘ताबीज’ में भरकर गले में धारण करे। ‘दीपावली’ की रात्रि में… Read More


वेद के सूक्तों का तात्त्विक रहस्य ‘सूक्त’ शब्द ‘सु’ उपसर्गपूर्वक ‘वच्’ धातु से ‘क्त’ प्रत्यय करने पर व्याकृत होता है। ‘सूक्त’ शब्द का अभिप्राय है- ‘अच्छी रीति से कहा हुआ’। जो वेदमन्त्र समूह एकदैवत्य और एकार्थ-प्रतिपादक हो, उसे ‘सूक्त’ कहा जाता है। बृहद्देवता में सूक्त शब्द का निर्वचन इस प्रकार किया गया है-‘सम्पूर्णं ऋषिवाक्यं तु… Read More