देवोत्थान, प्रबोधिनी या देव उठनी एकादशी देवोत्थान, प्रबोधिनी या देव उठनी एकादशी यह तो प्रसिद्ध ही है कि आषाढ़ शुक्ल से कार्तिक शुक्ल एकादशी पर्यन्त ब्रह्मा, इन्द्र, रुद्र, अग्नि, वरुण, कुबेर, सूर्य और सोमादि देवों से वन्दित जगन्निवास, योगेश्वर क्षीरसागर में शेषशय्या पर चार मास शयन करते हैं और भगवद्भक्त उनके शयनपरिवर्तन और प्रबोध के यथोचित कृत्य दत्तचित होकर यथासमय करते… Read More Like this:Like Loading…