बदल जाये आसमां ग़र ज़मीं से तो अच्छा है।
गुल ख़िले फ़लक में, सितारे ज़मीं पे तो अच्छा है।
बदलता हूँ जाने क्युं मैं ख़ुद को ज़माने के वास्ते।
जमाना भी बदल जाये गर अभी से तो अच्छा है।

………………………………………………

जाने क्यों यारों हंसने की आदत नहीं रही।
अब तो वो पहली सी तबीयत नहीं रही।।
मासुमिय़त खो गई, शरारत नहीं रही।
सुना है इन्सान की इन्सानिय़त नहीं रही।।
नशेमन गुम हुआ, सर पे छत नहीं रही।
इस क़दर अब बर्क की दहशत नहीं रही।।
बेदरो-दिवार-दरीच़ों की ताबीर क्या हुई।
कहां है वो खंडहर जिसकी इमारत नहीं रही।।
मुस्कुराता हूँ तो क्युं उठाते हो ऊंगलियां।
रो-रो कर जान देने की आदत नहीं रही।।
खुद का कत्ल करके मुझे युं मिलेगा क्या।
व़क्त-ए-रवानी में दिल से अदावत नहीं रही।।
क्यों बंदिशों की हद बढाते हो उफ़ुक तक।
ज़ज़ीर तोड़ पाने की भी हिम्मत नहीं रही।।
सज़दे में उनके सर झुकाने पे कहते हैं।
‘अजय’ में पहले सी शराफत नहीं रही।।

    • 15 years ago

    (1) Fasle mita kar aapas me pyar rakhna,
    Dosti ka ye rishta hamesha yunhi barkarar rakhna,
    Bichad jaye kabhi aap se hum,
    Aankhon me hamesha hamara intejar rakhna.

    (2) Kisi na kisi pe kisi ko aetbar ho jata hai,
    Ajnabi koi shaks yaar ho jata hai,
    Khubiyo se nahi hoti mohabbat bhi sadaa,
    Khamiyo se bhi aksar pyaar ho jata hai.

    (3) Khuda se thoda rahem kharid lete,
    Aap ke zakhmo ka marhar kharid lete,
    Agar kahin kabhi bikti khushiyan meri,
    To saari bechkar aapka har gam kharid lete.

    (4) Gam ki aahat na aaye tere dar par,
    Pyar ke samander ka tum bhi ek kinara ho,
    Bhool se jo tapke teri aankhon say moti,
    Thame wohi jo tumhe sabse pyara ho.

    (5) Mohabbat me sath to harpal hota he,
    Koi dikhne se hota he to koi dilse hota hai,
    Maza to sath tab aye yaro,
    Jab judai ka lamha mahsus hota hai

    (6)Raat chirago se saja rakhi hai,
    Shart aaj apne app se laga rakhi hai…
    aayenge wohh aaj hume pura yakin hai,
    isilye aaj kayamat se bhi thodi mohlat mang rakhi hai

    (7)Dosti achchi ho toh rang laati hai,
    Dosti gehri ho toh sabko bhaati hai,
    Dosti naadaan ho toh toot jaati hai,
    Par agar dosti apne jaisi ho….
    …. Toh itihaas banaati hai !

    (8)Jaan hai mujhko zindagi se pyaari,
    Jaan ke liye kar doon kurbaan yaari,
    Jaan ke liye todd doon dosti tumhaari,
    Ab tumse kya chhupaana,
    Tum hi toh ho jaan hamaari !

    (9) dua karte hai hum sar jukaye….
    ye dost tu apni manzil ko paye….
    agar kabhi teri raho mai andhera aye….
    roshni k liye khuda humko jalaye…..

    (10) Ek din lehron k phool bhi murjha jayenge,
    Had se bhi zyaada hum tumhe yaad aayenge.
    Ehesaas hoga jab tumhe mere pyaar ka,
    Hum iss duniyan se door chale jaayenge

    (11) Hua jo gham tumhe dard kahi aur hoga,
    Haso jo tum khush koi aur hoga.
    Socho toh zara us anjaan ke baare me,
    Woh anjaan mere siva aur kaun hoga.

    (12) Karoge yaad to har baat yaad aayegi,suhane waqt ki har mauj tehar jayegi, talash karoge jo humse behtar dost koi,to nigah dur tak jakar laut aayegi

    (13) Is hawa me khushbu hai tumhari,
    is chand ki roshni me surat hai tumhari.
    Is dil sey jo mar kar b juda na ho sakay
    woh sirf aur sirf dosti hai tumhari.

    Teri dosti ne bohat kuch sikhla diya,
    Meri khamosh duniya ko jaise hasa diya,
    Karzdaar hoon main khuda ka,
    Jiss ne mujhe aap jaise dost se mila diya.

    I Say and You Listen,
    its a Good Friendship.
    You Say and I Listen,
    is a Better Friendship.
    But I dont Say and You Understand,
    is “Best Friendship.

    Dosti phool nahi jo murjha jaye,
    Dosti mousam nahi jo badal jaye,
    Dosti toh dharkan hai jo chale to sab kuch hai,
    Aur agar na chale toh kuch bhi nahi.

    Friendship is a priceless gift
    that can’t be bought or sold,
    but to have an understanding
    friend is far more worth than gold.
    FRIEND means
    F=Free from all formalities
    R=Right to say any thing
    I=In anyway
    E=Either good or bad
    N=No sorry no thanx
    D=Daatnaa peetnaa allowed 24 hours

    Flower remembers bees,
    Fish remembers water,
    Tree remembers the rain,
    At this moment I remember you!
    To say happy friendship day to U!

    FriendShip is a network that needs..
    NO Recharge!
    NO Roaming!
    NO Validity!
    NO activation!
    NO Signal prbms!
    Just don’t switch off ur Heart…

    Dard Kafi Hai Bekhudi ke liye,
    Maut Zaruri Hai Zindagi Ke Liye,
    Koun Marata Hai Yahan Kisike Liye,
    Par Hum To Zinda Hai Bas Apaki Dosti ke Liye.

    Aye Khuda Dua Meri Yeh Khali Na Jaye,
    Ke Mere Dost ki Palkon Pe Aansu Na Aaye,
    Aansu Nikle To Khushi ke Nikle,
    GaM ke Aansu Mujhe Aa Jaye…

    Doston ke liye dosti ki saugat hogi,
    Naye log honge nayi baat hogi,
    Hum har haal main muskurate rahenge,
    Tumhari dosti agar yunhi mere saath rahegi…

    Khuda ne dost ko dost se milaya,
    Doston ke liye dosti ka rishta banaya,
    Par kehate hai dosti rahegi uski kayam,
    Jisne dosti ko dil se nibhaya.

    Dost ek saahil hai tufaano ke liye,
    Dost ek aaina hai armaano ke liye,
    Dost ek mehfil hai anjaano ke liye,
    Dosti ek khawaahish hai aap jaise doston ko paane ke liye !!

    Hamari tumhari dosti duniya ke liye ek misal hai
    Tumhe dekha toh laga kya maal hai,
    Tumhe pane ke liye bichaya jaal hai,
    Par kya kare ye college ka hamara aakhri saal hai.

    • 16 years ago

    Aashikon ko mohabbat ke alava agar kuchh kaam hota

      • 16 years ago

      ha hata hai use yaad karna

    • 16 years ago

    Padi jo ek nazar hum dekhte reh gaye,
    War hua katil muskaan ka hum madhosh ho gaye,
    Chahat ki chandani mein bheega hua tan badan,
    Hum kali se pal bhar mein gulaab ho gaye.

    • 16 years ago

    good shayri

    • 17 years ago

    wah wa wah wa

    • 17 years ago

    Best Luck HAM TO WO AASIK HAI JO KAMAL KO GULAB BANA DENGE . TERI HER EK ADA PER EK NAYI GAJAL BANA DENGE AGER TUM AA JAON HAMARI JINDGI KE MAHKHANE ME , TO TERI KASAM TERE NAAM SE DELHI ME EK TAJ MEHAL BANA DENGE . I LOVE DEAR

      • 16 years ago

      सुन के दर्द और सताने का हुनर मुझमैं नही ,
      धर्म के नाम पर खुन बहाने का हुनर मुझमैं नहीं ,
      मैं तो इन्सान हुँ , इन्सान ही रहूँ ,
      सब कुछ भुल जाने का हुनर मुझमैं नहीं ।

      औरों के दम पे जगमगाने हुनर मुझमैं नहीं ,
      मैं तो दिन में ही दिखुंगा, रात में दिख पाने का हुनर मुझमैं नहीं ,
      मैं तो सूरज हूँ अपनी ही आग से रोशन,
      चाँद की तरह रोशनी चुराने का हुनर मुझमैं नहीं ।

      सुख में खो जाने का हुनर मुझमैं नहीं ,
      दुख में घबराने का हुनर मुझमैं नहीं ,
      मैं तो जिन्दगी हुँ चलती ही रहुँ ,
      व़क़्त पर साथ छोड जाने हुनर मुझमैं नहीं

    • 17 years ago

    चेहरे बदलने का हुनर मुझमैं नहीं ,
    दर्द दिल में हो तो हसँने का हुनर मुझमें नहीं,
    मैं तो आईना हुँ तुझसे तुझ जैसी ही मैं बात करू,
    टूट कर सँवरने का हुनर मुझमैं नहीं ।

    चलते चलते थम जाने का हुनर मुझमैं नहीं,
    एक बार मिल के छोड जाने का हुनर मुझमैं नहीं ,
    मैं तो दरिया हुँ , बेहता ही रहा ,
    तुफान से डर जाने का हुनर मुझमैं नहीं ।

    सरहदों में बंट जाने का हुनर मुझमैं नहीं ,
    अंधेरों में खो जाने का हुनर मुझमैं नहीं ,
    मैं तो हवा हुँ , महकती ही रही ,
    आशिंयाने मैं रह पाने का हुनर मुझमैं नहीं ।

    सुन के दर्द और सताने का हुनर मुझमैं नही ,
    धर्म के नाम पर खुन बहाने का हुनर मुझमैं नहीं ,
    मैं तो इन्सान हुँ , इन्सान ही रहूँ ,
    सब कुछ भुल जाने का हुनर मुझमैं नहीं ।

    औरों के दम पे जगमगाने हुनर मुझमैं नहीं ,
    मैं तो दिन में ही दिखुंगा, रात में दिख पाने का हुनर मुझमैं नहीं ,
    मैं तो सूरज हूँ अपनी ही आग से रोशन,
    चाँद की तरह रोशनी चुराने का हुनर मुझमैं नहीं ।

    सुख में खो जाने का हुनर मुझमैं नहीं ,
    दुख में घबराने का हुनर मुझमैं नहीं ,
    मैं तो जिन्दगी हुँ चलती ही रहुँ ,
    व़क़्त पर साथ छोड जाने हुनर मुझमैं नहीं.
    sandeep!!!!!!!!
    9975349690

    • 17 years ago

    hindi jokes-हिन्दी जोक्स
    इतनी लंबी दौड़!

    डॉक्टर ने संता से कहा,कि अगर वह आठ किलोमीटर प्रतिदिन के हिसाब से 300 दिनों तक दौड़े तो उसका वजन 34 किलो तक कम हो जाएगा। संता ने डॉक्टर के कहे मुताबिक दौड़ना शुरू कर दिया।

    300 दिन पूरा हो चुकने के बाद उसने डॉक्टर को फोन किया। उसने डॉक्टर को बताया कि उसका वजन तो कम हो गया है पर उसके साथ एक समस्या आ खड़ी हुई है।

    “क्या समस्या है?” डॉक्टर ने पूछा।

    “मैं अपने घर से 2400 किलोमीटर दूर आ गया हूं।”

    ……………………………………
    उलट गई संता की गाड़ी

    संता का बेटा पप्पू की अनाज से भरी गाड़ी उलट गई। पास के खेत में काम कर रहे किसान ने उससे कहा,“पप्पू बेटा परेशान मत हो। आ पहले हमारे साथ खाना खा फिर मैं तेरी गाड़ी सीधी कर दूंगा।”

    “आपका बहुत-बहुत शुक्रिया। पर मेरे पापा गुस्सा होंगे।”

    “अरे पहले तू आ तो,”किसान ने जोर देकर कहा। “ठीक है, आप कहते हैं तो आता हूं। पर मुझे डर है कि पापा नाराज होंगे।”

    खूब जम कर खाना खाने के बाद पप्पू ने किसान का धन्यवाद अदा किया,“अब मैं पहले से काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं। पर पापा परेशान हो रहे होंगे।”

    किसान ने मुस्कराते हुए कहा,“पर यह तो बताता जा कि तेरे पापा अभी होंगे कहां?”

    “गाड़ी के नीचे,”पप्पू ने जवाब दिया।
    ………………………………………………………………..
    शादी के एक हफ्ते बाद दुल्हन से उसकी मां ने फोन पर पूछा , बेटी तूने मेरी दी हुई साड़ियां पहनीं ? कैसी लगीं ?
    बेटी : एक हफ्ते से वह मुझे कुछ भी पहनने नहीं दे रहे हैं , साड़ी क्या खाक पहनूं…
    ……
    आत्मघाती बंता

    बंता आत्मघाती दस्ते में शामिल हुआ। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उसे अपने लक्ष्य पर भेजा गया। कमांडर ने उसे ढेर सारे हथियार दिए। उसके शरीर पर बमों को बांधा और बातचीत करने के लिए एक मोबाइल फोन भी दिया।

    दुश्मन के शिविर के पास पहुंच कर उसने फोन किया, “जनाब यहां दो दुश्मन दिखाई पड़ रहे हैं, क्या आत्महत्या कर लूं?”

    कमांडर ने हुक्म दिया, “नहीं सिर्फ दो सैनिकों के लिए नहीं, ज्यादा के आने का इंतजार करो।”

    थोड़ी देर बाद बंता ने फिर फोन किया, “अब 25 आ गए हैं क्या अब करूं?”

    “नहीं, अभी नहीं कुछ और के आने का इंतजार करो ”, कमांडर ने कहा।

    “अब 100 की तादाद में दुश्मन आ चुके हैं, क्या आत्महत्या करूं?”

    कमांडर ने उसे आगे बढ़ने को कहा, “बंता अपना मकसद पूरा करो, तुम एक शहीद कहलाओगे। अपने परिवार की चिंता मत करना, उनकी देखभाल हम करेंगे।”

    बंता ने छुरा निकाला और अपनी छाती में घोंप लिया।
    ………………………………………………………….

    शर्माजी अपनी पत्नी और सोलह बच्चों के साथ सिनेमा देखने निकले।

    चौराहे पर खड़े सिपाही ने अचानक शर्माजी को पकड़ा और थाने ले जाने लगा, उन्होंने घबराकर पूछा- भाई मैंने आखिर किया क्या है?

    तुमने कुछ न कुछ तो किया ही होगा तभी तो यह भीड़ तुम्ह८…..
    …………………………………………………..

    शराबखाने में बंता

    बंता एक शराबखाने में जाकर बैठ गया। जैसे ही बेयरे ने उसके गिलास में शराब डाली बाहर शोर होने लगा। बंता उसी समय बाहर की तरफ दौड़ा कि आखिर हो क्या रहा है। जब वह अपनी मेज पर आया तो गिलास खाली था। साथ में एक चिट पर लिखा था, ‘बियर के लिए शुक्रिया।’

    बंता कुछ परेशान हुआ पर उसने फिर से शराब मंगाने का आदेश दिया। इस बार फिर जैसे ही बेयरे ने उसके गिलास में शराब डाली कि बाहर शोर होने लगा। उसने सोचा उसकी कार चोरी चली गई है, वह कार देखने गया, पर उसकी कार अपनी जगह पर खड़ी थी। वह वापस आ गया।

    इस बार फिर उसका गिलास खाली था। चिट पर लिखा था, “एक बार फिर शुक्रिया।”

    अब तक उसने शराब की एक बूंद भी गले से नीचे नहीं उतारी थी। उसने फिर से शराब मंगवाई। जैसे ही वह गिलास में होंठ लगाने वाला था कि बाहर धमाके की आवाज सुनाई दी। इस बार वह यूं ही नहीं गया। अपने गिलास में थूका और एक चिट में लिख दिया, “मजे से पियो, मैंने इसमें थूक दिया है।” फिर वह बाहर की तरफ दौड़ा।

    बाहर से लौटकर आने पर वह गिलास को देखकर खुश हुआ। शराब उतनी की उतनी ही थी, पर इस बार लिखा था, “अब तुम मजे से पियो मैंने भी इसमें थूक दिया है।”
    ……………………………………………………….

    तोता बना मुसीबत

    एक औरत पालतू जानवर खरीदने जानवरों की दुकान गई। उसे एक तोता पसंद आया। पर उसकी कीमत सिर्फ 50 डॉलर थी।

    उसने दुकानदार से पूछा, “इसकी कीमत इतनी कम क्यों है?”

    दुकानदार ने उसकी तरफ देखा और गंभीरता से कहा, “देखिए मैडम मैं आपको साफ-साफ बता देता हूं। पहले यह तोता एक वैश्यालय में टंगा रहता था, जिस वजह से यह कभी-कभी अश्लील फब्तियां कसता है।” औरत ने कुछ सोचा और दुकानदार को तोता दे देने को कहा।

    घर लाकर उसने तोते को अपने बैठक खाने में टांग दिया और उसके बोलने का इंतजार करने लगी। तोते ने कमरे के चारों तरफ देखा और कहा, “नया घर, नई औरत!”

    औरत को इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं लगा।

    थोड़ी देर में उसकी दोनो किशोर बेटियां स्कूल से वापस आईं। उनके कमरे में प्रवेश करते ही तोते ने कहा, “नया घर, नई मालकिन, नई लड़कियां।”

    पहले तो तीनों मां-बेटी यह सुनकर कुछ अकचकाए पर घर की परिस्थिति पर तोते की गहरी निगाह को देख उसकी तारीफ करने लगे। थोड़ी देर में उसका पति दफ्तर से वापस लौटा।

    उसे देखते ही तोता बोला, “आइए जनाब, नई आइटम आई हैं, चाहिए? 25% छूट भी मिलेगी।”
    …………………………………………..

    अध्यापक (अजीत से)- अच्छे काम करने वाले सदा स्वर्ग में जाते हैं, बताओ तुम कहां जाओगे?

    अजीत (अध्यापक से)- जाने को तो मैं कहीं भी जा सकता था पर मां ने स्कूल से सीधा घर आने को कहा है।
    .……………………………………………..

    आपकी तबीयत अब बिल्कुल ठीक है। आज जा सकते हैं और हां, यह मेरी फीस का बिल, केवल तीस रूपए।

    तीस रूपए? डॉक्टर साहब, मेरे पास तीस रूपए नहीं हैं। अच्छा तो ऐसा करो तुम केवल दस रूपए दे दो।

    साहब मेरे पास तो दस भी नही हैं?

    तो पांच दे दो।

    मेरे पास तो पांच भी नहीं हैं। मेरे पास कुछ भी नहीं है।

    डॉक्टर को क्रोध आया। गुस्से में बोला- यदि तुम्हारे पास कुछ नहीं था तो मुझ जैसे बड़े और इतने महंगे डॉक्टर के पास क्यों आए?

    अब मरीज को भी क्रोध आ गया। बोला- डॉक्टर साहब, मैं एक बात बता दूं। जब मेरे स्वास्थ्य की बात होती है तो मैं उसके सामने पैसों की बिल्कुल परवाह नहीं करता।

    ………………………………………………………….
    पति (पत्नी से)- जब मैं सूट पहनकर सब्जी लेने जाता हूं, तो दुकानदार मुझे सब्जी महंगी देता है, जब मैं मैला कुर्ता-पाजामा पहनकर जाता हूं तो सब्जी सस्ती मिलती है।

    पत्नी (पति से)- तब तो तुम हाथ में कटोरा लेकर जाया करो सब्जी मुफ्त में मिल जाया करेगी।

    …………………………………………………….
    सेठ जी (नौकर से)- इस दुकान में अगर काम करना है तो एक बात हमेशा याद रखनी होगी कि ग्राहक हमेशा ठीक बोलता है। अब बताओ वह युवती क्या कह रही थी?

    नौकर (सेठ जी से)- वह कह रही थी कि इस दुकान का मालिक गधा है।

    ……………………………………………..
    संता (बंता से)- यह जो लड़की मेरे साथ वाली सीट पर बैठी है न, यह रेडियो एनाउंसर है।

    बंता (संता से)- तुम्हें कैसे पता?

    संता- जब मैंने इससे समय पूछा तो बोली दस बजकर पंद्रह मिनट बीस सेकेंड हुए हैं।

    ………………………………………………………………………………..

    हड्डियों के दो डॉक्टर घूमने निकले। रास्ते में उन्हें एक लंगड़ाता हुआ व्यक्ति दिखाई दिया। उसे देखकर एक ने कहा- मुझे तो ऐसा लगता है जैसे इसके टखने की हड्डी टूट गई है।

    दूसरे ने कहा- नहीं जी, टखने की नहीं, उसके घुटने की हड्डी टूटी हुई है।

    इस पर दोनों में बहस शुरु हो गई। तभी पहले डॉक्टर ने उसे बुलाकर पूछा- आपके टखने की हड्डी टूटी है या घुटने की।

    नहीं जी, मेरी तो कोई हड्डी नहीं टूटी। मेरी तो चप्पल टूटी है।

    ……………………………………………………

    दफ्तर से लौटने में जरा-सी देर हो गई। पत्नी ने रो-रोकर हाल बुरा कर लिया था।

    मेरे तो प्राण सूख गए। इतनी देर क्यों कर दी। इसमें प्राण सुखाने की क्या बात है क्या मैं कभी देर से नहीं लौटता?

    वह बात और है। आज मिस्टर शर्मा ने बताया की एक पागल सा आदमी लोकल ट्रेन के नीचे कुचल गया। मेरी तो जान ही निकल गयी।
    ……………………………………………………….
    मां (राजू से)- जो सप्ताह भर में सबसे ज्यादा आज्ञाकारी होगा, मैं उसे सप्ताह के अंत में एक सुंदर इनाम दूंगी।

    राजू (मां से)- फिर तो यह इनाम हर सप्ताह पिताजी के सिवा और किसी को नहीं मिलेगा।
    ………………………………………………

    एक मंदिर के सामने से प्रतिदिन एक शराबी नशे में धुत गुजरता और भगवान को प्रणाम कर आगे निकल जाता। पुजारी सोचता यह शराबी आखिर नशे में भगवान से क्या कहता होगा।

    एक दिन उसने भगवान शंकर के स्थान पर गणेशजी की मूर्ति रख दी। जब शराबी निकला तो उसने गणेशजी को देखकर कहा- ‘अरे छोटू, तेरे पापा से कह देना मैं आया था।’
    …………………………………

    तीन आदमी एक देहाती सड़क के किनारे पर काम कर रहे थे। एक आदमी 2-3 फीट गहरा गङ्ढा खोदता था और दूसरा उसे फिर मिट्टी से भर देता था। तब तक पहला आदमी नया गङ्ढा खोद लेता था और दूसरा आदमी उसे भी मिट्टी से भर देता था। काफी देर से यही क्रम चल रहा था। तीसरा आदमी सड़क किनारे ही एक पेड़ की छाया में बैठा था।
    एक राहगीर जो सुस्ताने के लिये पास ही एक पेड़ के नीचे रुका था, काफी देर से इस कार्यक्रम को देख रहा था। आखिरकार उससे रहा नहीं गया और उसने उनके नजदीक जाकर पूछ ही लिया – यहां क्या काम हो रहा है ?

    हम सरकारी काम कर रहे हैं – उनमें से एक आदमी ने बताया।

    वो तो मैं देख ही रहा हूं। लेकिन तुम लोग गङ्ढा खोदते हो फिर उसे भर देते हो फिर खोदते हो फिर भर देते हो। आखिर इस काम से हासिल क्या हो रहा है। क्या यह देश के धन की बर्बादी नहीं है ? राहगीर ने थोड़ा गुस्से से कहा।

    जी नहीं, आप समझे नहीं श्रीमान । हम तो अपना काम पूरी ईमानदारी से कर रहे हैं। देखिये मैं आपको समझाता हूं। पहले आदमी ने अपना पसीना पोंछते हुये कहा ।

    यहां हम कुल तीन आदमियों की डयूटी है। मैं, मोहन और वह जो पेड़ की छाया में बैठा है श्याम। हम लोग यहां पौधारोपण कार्य के लिये लगाये गये हैं। मेरा काम है गङ्ढा खोदना, श्याम का काम है उसमें पौधा लगाना और मोहन का काम है उस गङ्ढे में मिट्टी डालना ।

    अब चूंकि श्याम की तबीयत आज खराब है तो इसका मतलब यह तो नहीं कि हम दोनों भी अपना काम न करें।
    …………………………………………………………

    एक पति पत्नी अपनी शादी की पचासवीं सालगिरह मना रहे थे कि अचानक पति रोने लगा । पति को रोते देख पत्नी ने कारण पूछा ।
    पत्नी की आंखों में देखते हुये पति बोला – ”प्रिये क्या तुम्हें याद है आज से पचास साल पहले तुम्हारे पिता ने हमें तुम्हारे घर के पीछे वाले बगीचे में छुपकर मिलते हुये रंगे हाथों पकड़ा था ?”
    पत्नी के ”हां” कहने पर पति ने पूछा कि क्या उसे याद है कि उस वक्त उसके पिता ने मुझसे क्या कहा था ?
    क्या कहा था । मुझे याद नहीं आ रहा । – पत्नी ने जवाब दिया।
    उन्होनें कहा था कि अगर मैंने तुमसे शादी नहीं की तो वे मुझे पचास सालों के लिये जेल में डलवा देंगे।
    तो क्या हुआ । तुमने तो शादी कर ली ना । पत्नी ने पति की ओर देखते हुये कहा।
    यही तो सोच रहा हूं कि अगर मैंने उनकी बात नहीं मानी होती तो कम से कम आज मैं आजाद हो गया होता ।

    ………………………………………………………………

    एक लड़के को सुपर मार्केट में नौकरी पर रख लिया गया। नौकरी के पहले दिन जब वह पहुंचा तो मैनेजर ने मुस्कुराहट के साथ उसका स्वागत किया, उसके हाथ में एक झाड़ू थमाई और कहा – ”तुम्हारा पहला काम है स्टोर की सफाई करना।”
    ”लेकिन मैं एक कॉलेज ग्रेजुएट हूं” – लड़के ने कहा।
    ”ओह, अच्छा! दरअसल मुझे पता नहीं था।” मैनेजर ने कहा। ”लाओ ये झाड़ू मुझे दो। मैं तुम्हें बताता हूं कि कैसे करना है।”

    …………………………………………….

    इंटेलिजेंस ब्यूरो में एक उच्च पद हेतु भर्ती की प्रक्रिया चल रही थी। अंतिम तौर पर केवल तीन उम्मीदवार बचे थे जिनमें से किसी एक का चयन किया जाना था। इनमें दो पुरुष थे और एक महिला।

    फाइनल परीक्षा के रूप में कर्तव्य के प्रति उनकी निष्ठा की जांच की जानी थी। पहले आदमी को एक कमरे में ले जाकर परीक्षक ने कहा – ”हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि तुम हर हाल में हमारे निर्देशों का पालन करोगे चाहे कोई भी परिस्थिति क्यों न हो।” फिर उसने उसके हाथ में एक बंदूक पकड़ाई और दूसरे कमरे की ओर इशारा करते हुये कहा – ”उस कमरे में तुम्हारी पत्नी बैठी है। जाओ और उसे गोली मार दो।”
    ”मैं अपनी पत्नी को किसी भी हालत में गोली नहीं मार सकता”- आदमी ने कहा।
    ”तो फिर तुम हमारे किसी काम के नहीं हो। तुम जा सकते हो।” – परीक्षक ने कहा।

    अब दूसरे आदमी को बुलाया गया। ”हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि तुम हर हाल में हमारे निर्देशों का पालन करोगे चाहे कोई भी परिस्थिति क्यों न हो।” कहकर परीक्षक ने उसके हाथ में एक बंदूक पकड़ाई और दूसरे कमरे की ओर इशारा करते हुये कहा – ”उस कमरे में तुम्हारी पत्नी बैठी है। जाओ और उसे गोली मार दो।” आदमी उस कमरे में गया और पांच मिनट बाद आंखों में आंसू लिये वापस आ गया। ”मैं अपनी प्यारी पत्नी को गोली नहीं मार सका। मुझे माफ कर दीजिये। मैं इस पद के योग्य नहीं हूं।”

    अब अंतिम उम्मीदवार के रूप में केवल महिला बची थी। उन्होंने उसे भी बंदूक पकड़ाई और उसी कमरे की तरफ इशारा करते हुये कहा – ”हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि तुम हर हाल में हमारे निर्देशों का पालन करोगी चाहे कोई भी परिस्थिति क्यों न हो। उस कमरे में तुम्हारा पति बैठा है। जाओ और जाकर उसे गोली से उड़ा दो।” महिला ने बंदूक ली और कमरे के अंदर चली गई। कमरे के अंदर घुसते ही फायरिंग की आवाजें आने लगीं । लगभग 11 राउंड फायर के बाद कमरे से चीखपुकार, उठापटक की आवाजें आनी शुरू हो गईं। यह क्रम लगभग पन्द्रह मिनटों तक चला उसके बाद खामोशी छा गई।
    लगभग पांच मिनट बाद कमरे का दरवाजा खुला और माथे से पसीना पोंछते हुये महिला बाहर आई। बोली – ”तुम लोगों ने मुझे बताया नहीं था कि बंदूक में कारतूस नकली हैं। मजबूरन मुझे उसे पीट-पीट कर मारना पड़ा।”

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    एक आदमी मर गया और सीधा नरक में पहुंचा। वहां यमदूत ने उसका स्वागत किया और उसे नरक की सैर कराई। यमदूत ने कहा कि यहां तीन तरह के नरक-कक्ष है और उसे अपनी पसन्द का कक्ष चुनने की आजादी है।
    पहला कक्ष आग की लपटों और गर्म हवाओं से इस कदर भरा हुआ था कि वहां सांस लेना भी दूभर था। आदमी ने कहा कि वह इस नरक में रहना नहीं चाहेगा।
    यमदूत उसे दूसरे नरक कक्ष में ले गया । यह कक्ष सैंकड़ों आदमियों से भरा हुआ था और यमदूत बेरहमी से उनकी पिटाई कर रहे थे। चारों ओर चीखपुकार का माहौल था। आदमी यह सब देखकर घबरा गया और उसने यमदूत से अगला कक्ष दिखाने की प्रार्थना की।
    तीसरा और अंतिम कक्ष ऐसे लोगों से भरा हुआ था जो बस आराम कर रहे थे और कॉफी पी रहे थे। यहां अन्य दो कक्षों जैसी कष्टदायक कोई बात उसे नहीं दिखी। उसने यमदूत से कहा कि वह इसी कक्ष में रहना चाहता है। यमदूत ने उसे उसी कक्ष में छोड़ा और चला गया। आदमी ने एक कॉफी ली और आराम से एक तरफ बैठ गया। कुछ मिनटों बाद लाउडस्पीकर पर एक आवाज गूंजी – ”ब्रेक टाइम खत्म हुआ। अब फिर से दस हजार घूंसे खाने के लिये तैयार हो जाओ !”

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    एक आदमी ने अपने घर फोन किया तो उधर से एक अनजान महिला की आवाज आई।
    ”कौन ?” – आदमी ने पूछा।
    ”मैं घर की नौकरानी बोल रही हूं ।” – महिला ने उत्तर दिया।
    ”लेकिन हमारे घर में तो कोई नौकरानी नहीं है।” – आदमी ने कहा।
    ”मुझे घर की मालकिन ने आज सुबह ही नौकरी पर रखा है ।” नौकरानी ने जवाब दिया।
    ”अच्छा ठीक है, सुनो। इस वक्त तुम्हारी मालकिन कहां हैं ? मुझे उनसे बात करनी है।” – आदमी ने कहा ।
    ”वह तो बेडरूम में हैं। अपने पति के साथ।” – नौकरानी ने जवाब दिया।
    ”क्याऽऽऽ… ? पति के साथ…… ? पर उसका पति तो मैं हूं …….. ” – आदमी गुस्से से भन्ना गया। उसने एक मिनट कुछ सोचा फिर बोला – ”हैलो ….. सुनो क्या तुम पचास हजार रूपये कमाना चाहोगी?”
    ”हां… । पर मुझे करना क्या होगा ?” – नौकरानी ने पूछा ।
    ”तुम मेरी अलमारी से बंदूक निकालो और उस कुतिया और उसके साथ जो आदमी है उसे गोली से उड़ा दो।”
    नौकरानी ने फोन नीचे रख दिया। आदमी ने पहले कदमों की और फिर दो गोलियां चलने की आवाज फोन पर सुनी।
    नौकरानी ने वापस फोन उठाया और पूछा – ”अब इन लाशों का क्या करूं ?”
    ”उन्हें स्वीमिंग पूल में डाल दो।” – आदमी ने कहा ।
    ”पर आपके घर में तो स्वीमिंग पूल नहीं है।” – नौकरानी ने जवाब दिया।
    लगभग तीन चार मिनट तक दोनों तरफ खामोशी छाई रही फिर आदमी की आवाज आई – ”क्या ये नम्बर 7457965 ही है ?”

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    तीन दोस्त मर गये और स्वर्ग में पहुंचे। पहले दोस्त को स्वर्ग की सबसे बदसूरत और भद्दी महिला के साथ रहने को कहा गया।
    ”क्यों ?” – उसने सवाल किया।
    ”क्योंकि जब तुम नौ साल के थे तुमने एक चिड़िया को पत्थर से मारा था।” – यमराज ने जवाब दिया।
    ठीक यही दूसरे दोस्त के साथ भी हुआ। उसने भी पूछा कि उसके साथ ऐसा क्यों हो रहा है। यमराज ने उसे भी वही जवाब दिया कि जब वह नौ साल का था उसने एक चिड़िया को पत्थर से मारा था।
    तीसरा दोस्त यह सुनकर खुश हुआ और बोला – ”चलो अच्छा है कि मैंने ऐसा कोई काम नहीं किया।” उसे स्वर्ग की सबसे खूबसूरत महिला का साथ नसीब हुआ। बाकी दोनों दोस्तों ने पूछा – ”क्यों ?”
    ”क्योंकि जब वह महिला नौ साल की थी तब उसने एक चिड़िया को पत्थर से मारा था।” – यमराज ने बताया।

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    एक युवती दर्द की शिकायत लेकर डॉक्टर के पास पहुंची।
    ”आपको कहां दर्द है ?” डॉक्टर ने पूछा।
    ”सब जगह दर्द है। प्लीज मेरी मदद कीजिये ।” युवती ने कहा।
    ”सब जगह…। क्या मतलब ? जरा साफ साफ बताइये ।” डॉक्टर ने पूछा।

    युवती ने ने अपनी तर्जनी से घुटने को छुआ और चिल्लाई – ”ओह, यहां दर्द है।” फिर उसने उंगली से ही अपने गाल को छुआ और बताया – ”आउच, यहां भी दर्द है।” फिर उसने अपने कान को छुआ और चीखी – ”यहां भी दुखता है । प्लीज मेरा इलाज कीजिये ।”

    डॉक्टर ने कुछ देर तक ध्यानपूर्वक उसका परीक्षण किया फिर कहा – ”आपकी उंगली टूट गई है।”

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    मरीज – ”मुझे अपनी आंखों के सामने धब्बे से दिखाई देते हैं।”
    डॉक्टर – ”क्या नये चश्मे से कोई फायदा नहीं हुआ ?”
    मरीज – ”हां हुआ है न, अब वो धब्बे ज्यादा साफ दिखाई देते हैं।”

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    एक अधेड़ महिला को हार्ट अटैक आया और अस्पताल ले जाया गया। जब वह ऑपरेशन टेबल पर थी, भगवान उससे मिलने आये । भगवान को देखकर उसने पूछा – ”क्या मेरा समय पूरा हो गया ?”
    ”नहीं ” भगवान ने कहा। ”अभी तो तुम्हें 36 साल 8 महीने 12 दिन और जीना है ।” और भगवान गायब हो गये।
    ऑपरेशन सफल रहा और महिला ठीक हो गयी। भगवान के कहे अनुसार अभी उसके पास बहुत जिन्दगी बाकी थी इसलिये उसने ठाठ से रहने का सोचा। अस्पताल से छुट्टी लेने के पहले उसने ब्यूटीशियन को बुलवाकर अपने बालों को रंगवाया तथा चेहरे को आकर्षक व कम उम्र का दिखने के जतन किये। फिर युवतियों जैसा लिबास पहनकर अस्पताल से घर जाने के लिये निकली। चूंकि भगवान ने उससे कहा था कि उसकी जिन्दगी के अभी बहुत दिन बाकी है इसलिये उसने सड़क पार करने में थोड़ी लापरवाही दिखाई और नतीजतन एक कार से जा टकराई। घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।
    भगवान के सामने पहुंचने पर उसने पूछा – ”तुमने तो कहा था मेरी जिन्दगी के अभी और 36 साल बाकी हैं फिर तुमने मुझे कार के सामने आने से क्यों नहीं बचाया ?”

    ”दरअसल, मैं तुम्हें पहचान ही नहीं सका।” भगवान ने जवाब दिया।

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    पति-पत्नी में झगड़ा हुआ और बात तलाक तक पहुंच गई। लेकिन पहले फैसला बच्चे के बारे में होना था कि वह किसके पास रहेगा।
    न्यायाधीश ने पहले पत्नी से पूछा कि वह कोई एक वजह बताये जिस कारण बच्चा उसे दिया जाना उचित हो ।
    पतलकर उसे जन्म दिया है। यह बच्चा मेरे शरीर का हिस्सा है। उस पर सि्नी ने कहा – ”मैने उसे नौ महीने गर्भ में रखा है और बड़े कष्ट झेर्फ और सिर्फ मेरा ही अधिकार है।”
    न्यायाधीश हांलाकि उसकी बात से प्रभावित हुये लेकिन नियम के अनुसार पति से भी वही प्रश्न किया।
    पति ने जवाब दिया – ”देखिये, यदि मैं कोला (शीतल पेय) की मशीन में एक सिक्का डालता हूं और एक गिलास कोला निकल कर बाहर आता है तो आप ही बताइये उस कोला पर मेरा अधिकार होगा या मशीन का ?”

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    एक दंपत्ति की शादी को साठ वर्ष हो चुके थे। उनकी आपसी समझ इतनी अच्छी थी कि इन साठ वर्षों में उनमें कभी झगड़ा तक नहीं हुआ। वे एक दूजे से कभी कुछ भी छिपाते नहीं थे। हां, पत्नी के पास उसके मायके से लाया हुआ एक डब्बा था जो उसने अपने पति के सामने कभी खोला नहीं था। उस डब्बे में क्या है वह नहीं जानता था। कभी उसने जानने की कोशिश भी की तो पत्नी ने यह कह कर टाल दिया कि सही समय आने पर बता दूंगी।

    आखिर एक दिन बुढ़िया बहुत बीमार हो गई और उसके बचने की आशा न रही। उसके पति को तभी खयाल आया कि उस डिब्बे का रहस्य जाना जाये। बुढ़िया बताने को राजी हो गई। पति ने जब उस डिब्बे को खोला तो उसमें हाथ से बुने हुये दो रूमाल और 50,000 रूपये निकले। उसने पत्नी से पूछा, यह सब क्या है। पत्नी ने बताया कि जब उसकी शादी हुई थी तो उसकी दादी मां ने उससे कहा था कि ससुराल में कभी किसी से झगड़ना नहीं । यदि कभी किसी पर क्रोध आये तो अपने हाथ से एक रूमाल बुनना और इस डिब्बे में रखना।

    बूढ़े की आंखों में यह सोचकर खुशी के मारे आंसू आ गये कि उसकी पत्नी को साठ वर्षों के लम्बे वैवाहिक जीवन के दौरान सिर्फ दो बार ही क्रोध आया था । उसे अपनी पत्नी पर सचमुच गर्व हुआ।

    खुद को संभाल कर उसने रूपयों के बारे में पूछा । इतनी बड़ी रकम तो उसने अपनी पत्नी को कभी दी ही नहीं थी, फिर ये कहां से आये?

    ”रूपये! वे तो मैंने रूमाल बेच बेच कर इकठ्ठे किये हैं ।” पत्नी ने मासूमियत से जवाब दिया।

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    एक गली में दो दुकानदार थे, राम और श्याम। श्याम की दुकान पर एक तख्ती लगी थी – ”शक्कर मात्र 15 रु. किलो” । एक औरत आई और उसने दो किलो शक्कर देने को कहा।
    ”माफ कीजिये, पर आज माल खत्म हो गया। आप सोमवार को आइये तब तक और आ जायेगा।”
    औरत को शक्कर तुरंत चाहिये थी। वह राम की दुकान पर पहुंची। वहां पता चला कि शक्कर का भाव 20 रु. किलो है। औरत ने विरोध किया – ”श्याम की दुकान पर शक्कर केवल 15 रू. किलो है। आप के यहां इतनी मंहगी क्यों ?”
    ”जब हमारा माल खत्म हो जायेगा तो हमारे यहां भी 15 रु. किलो हो जायेगी” दुकानदार ने जवाब दिया।

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    एक आदमी सिनेमा हॉल में तीन सीटों पर लेटा हुआ था। टिकट चेकर ने उसे देखकर कहा – ”अपनी सीट पर बैठो। एक आदमी केवल एक ही सीट पर बैठ सकता है।” आदमी कुछ मिनमिनाया जो टिकटचेकर को सुनाई नहीं दिया लेकिन वह उठा नहीं। टिकट चेकर ने फिर कहा – ”अगर तुम उठकर नहीं बैठोगे तो मुझे मैनेजर को बुलाना पड़ेगा।”
    आदमी धीरे से फिर कुछ बुदबुदाया।
    टिकटचेकर मैनेजर को बुला लाया। मैनेजर ने भी उस आदमी से उठकर बैठने को कई बार कहा पर वह नहीं उठा। हारकर मैनेजर ने पुलिस को फोन किया।
    पुलिस वाले ने आकर स्थिति का निरीक्षण किया। फिर उस आदमी से पूछा – ”क्या नाम है तुम्हारा ?”
    ”रामसिंह” आदमी ने पहले की अपेक्षा कुछ जोर से कहा।
    ”कहां से आये हो ?”
    ”बालकनी से” – आदमी ने दर्द से कराहते हुये बताया।

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    एक महिला रसोई में पहुंची तो देखा कि उसका पति जाली हाथ में लिए हुए घुमा रहा था।
    ”ये तुम क्या कर रहे हो ?” – पत्नी ने उससे पूछा ।
    ”मक्खियां मार रहा हूं।” – पति ने जवाब दिया।
    ”अच्छा ! एकाध मार पाये?” – पत्नी ने पूछा।
    ”तीन ! दो मादा और तीन नर ।” – पति ने कहा।
    विस्मित होते हुये पत्नी ने पूछा – ”ये कैसे मालूम पड़ा ?”
    ”तीन शराब की बोतल पर थीं और दो फोन पर” – पति ने जबाब दिया।

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    दो भाई थे। एक की उम्र 8 साल दूसरे की 10 साल। दोनों बड़े ही शरारती थे। उनकी शैतानियों से पूरा मोहल्ला तंग आया हुआ था। मातापिता रातदिन इसी चिन्ता में डूबे रहते कि आज पता नहीं वे दोनों क्या करें।
    एक दिन गांव में एक साधु आया। लोगों का कहना था कि बड़े ही पहुंचे हुये महात्मा है। जिसको आशीर्वाद दे दें उसका कल्याण हो जाये। पड़ोसन ने बच्चों की मां को सलाह दी कि तुम अपने बच्चों को इन साधु के पास ले जाओ। शायद उनके आशीर्वाद से उनकी बुध्दि कुछ ठीक हो जाये। मां को पड़ोसन की बात ठीक लगी। पड़ोसन ने यह भी कहा कि दोनों को एक साथ मत ले जाना नहीं तो क्या पता दोनों मिलकर वहीं कुछ शरारत कर दें और साधु नाराज हो जाये।
    अगले ही दिन मां छोटे बच्चे को लेकर साधु के पास पहुंची। साधु ने बच्चे को अपने सामने बैठा लिया और मां से बाहर जाकर इंतजार करने को कहा ।
    साधु ने बच्चे से पूछा – ”बेटे, तुम भगवान को जानते हो न ? बताओ, भगवान कहां है ?”
    बच्चा कुछ नहीं बोला बस मुंह बाए साधु की ओर देखता रहा। साधु ने फिर अपना प्रश्न दोहराया । पर बच्चा फिर भी कुछ नहीं बोला। अब साधु को कुछ चिढ़ सी आई। उसने थोड़ी नाराजगी प्रकट करते हुये कहा – ”मैं क्या पूछ रहा हूं तुम्हें सुनाई नहीं देता । जवाब दो, भगवान कहां है ?” बच्चे ने कोई जवाब नहीं दिया बस मुंह बाए साधु की ओर हैरानी भरी नजरों से देखता रहा।
    अचानक जैसे बच्चे की चेतना लौटी। वह उठा और तेजी से बाहर की ओर भागा। साधु ने आवाज दी पर वह रूका नहीं सीधा घर जाकर अपने कमरे में पलंग के नीचे छुप गया। बड़ा भाई, जो घर पर ही था, ने उसे छुपते हुये देखा तो पूछा – ”क्या हुआ ? छुप क्यों रहे हो ?”
    ”भैया, तुम भी जल्दी से कहीं छुप जाओ।” बच्चे ने घबराये हुये स्वर में कहा।
    ”पर हुआ क्या ?” बड़े भाई ने भी पलंग के नीचे घुसने की कोशिश करते हुये पूछा।

    ”अबकी बार हम बहुत बड़ी मुसीबत में फंस गये हैं। भगवान कहीं गुम हो गया है और लोग समझ रहे हैं कि इसमें हमारा हाथ है!”

    …………………………….

    एक उपदेशक ने मद्यनिषेध पर भाषण दिया। अन्त में पूछा – ”अच्छा मान लीजिये, मैं एक बालटी पानी और एक बालटी शराब मंगाकर यहां रख दूं और एक गधे को को बुलवाऊं तो वह किस बालटी में मुंह डालेगा ?”
    श्रोता – ”पानी की बालटी में”
    उपदेशक – ”आखिर क्यों ?”
    श्रोता – ”वह गधा जो ठहरा !”

    ……………………………….

    तीन आदमी, दो अधेड़ और एक युवा, किसी बीयर बार में बीयर पीने गये। जब वह पीने लगे तो एक आदमी बोला – ”लगता है बाहर बारिश हो रही है।” गरमागरम बहस के बाद तय हुआ कि उम्र में सबसे छोटा छतरी लेने के लिये घर जाये। लड़का गुर्राया – ”मेरे जाने पर तुम मेरी सारी बीयर पी जाओगे।” उसे इतमीनान दिलाया गया कि नहीं पीयेंगे, उसके हिस्से की ज्यों की त्यों रखी रहेगी। तब कहीं छोटे मियां छतरी लेने चले।
    रात गहराने लगी पर छोटे मियां नहीं लौटे। अन्त में एक बोला – ”क्यों न उन हजरत के हिस्से की भी पी ही ली जाये। अब तो वे आने से रहे।”
    दूसरा बोला – ”मैं भी यही सोच रहा था। आओ पी लें।”
    बार के एक कोने की छोटी सी खिड़की से तेज आवाज आई – ”अगर पीओगे तो मैं छतरी लेने नहीं जाऊंगा।”

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    एक आदमी को एक बढ़िया किस्म की शराब की बोतल उपहार स्वरूप मिली। वह उसे लेकर लपकता हुआ घर की ओर जा रहा था। बोतल मिलने की खुशी में वह इतना मगन था कि सड़क पर आती हुई मोटरकार से बचकर निकल न सका। लिथड़ गया। उठकर लंगड़ाता हुआ सड़क पार कर रहा था कि कुछ पतली गर्म चीज टांग पर से बहती हुई मालूम हुई।
    ”हे प्रभु” वह दुआ करने लगा।
    ”यह खून हो।”

    ……………………………………..

    ”पांच सौ बाइस रूपये, मैडम”, दुकानदार ने सामान पैक करते हुये कहा । महिला ने जब पैसे निकालने के लिये अपना पर्स खोला तो दुकानदार ने लक्ष्य किया कि उसके पर्स में टीवी का रिमोट भी रखा हुआ है।
    ”तो आप टीवी का रिमोट भी साथ लेकर ही चलती हैं।” दुकानदार ने मुस्कुराते हुये कहा ।
    ”नहीं” महिला ने जवाब दिया, ”लेकिन मेरे पति ने जब मेरे साथ बाजार चलने से मना कर दिया तो मैंने सोचा कि यही सबसे अच्छा प्रतिशोध है जो मैं उससे ले सकती हूं।”

    …………………………………..

    जज: (अपराधी से) तुमने उसका हाथ क्यों जलाया?

    अपराधी: जज साहब! मैं तो बस इनसे नौकरी माँगने आया था। इन्होंने कहा कि मैं इनकी मुट्ठी गर्म करूँ, इसलिए मैंने पड़ोस के भोजनालय से जलता हुआ कोयला लाकर इनके हाथ पर रख दिया।

    एक आदमी: भाई साहब थोड़ा उँचा बोलिए। दरअसल मैं उँचा सुनता हूँ।

    दूसरा आदमी: अरे भाई साहब मैं बोल कहाँ रहा हूँ ! मैं तो बिस्कुट खा रहा हूँ।

    ………………………………………………..

    प्रोफेसर : गांधी जयंती के बारे में क्या जानते हो ?
    मुन्ना भाई : गांधी बहुत जबरदस्त आदमी था , बाप मां कसम , पर अपुन को यह नहीं मालुम कि यह जयंती कौन है ?

    ……………………………
    एक दिन मनीष ने भावुक होकर सुमन से कहा-देखो , मैं भवेश की तरह अमीर तो नहीं हूं और न ही मेरे पास महंगी गाड़ियां हैं। लेकिन , मैं तुम्हें बहुत चाहता हूं।
    सुमन : प्यार तो मैं भी तुमसे बहुत करती हूं। लेकिन , तुम भवेश के बारे में कुछ और बताओ न !

    …………………………………………………………….
    रेल के डिब्बे में संता चुपचाप बैठा था। यह देखकर बंता से रहा नहीं गया।
    उसने कहा-भाई संता , तुम्हारा रूमाल नीचे गिर गया है।
    संता : मेरा रूमाल गिर गया है , इससे आपको क्या मतलब ? आपका कोट सिगरेट से जल रहा है , लेकिन मैंने तो कुछ नहीं कहा।

    …………………………………………………….
    संता : चूहे को अगर बिल्ली से प्यार हो जाएगा , तो वह कैसे प्रपोज करेगा ?
    बंता : बहुत आसान। चूहा कहेगा-बिल्लो रानी , कहो तो अभी जान दे दूं।

    ……………………………………………
    ऊपरवाले ने दिन की रोशनी बनाई तो नाम दिया सन ,
    मनोरंजन बनाया और नाम दिया फन ,
    रात की रोशनी बनाई और नाम दिया मून ,
    आपको बनाया और नाम दिया कार्टून।

    ……………………………………….
    श्याम तुझे लड़की पटाने का सॉलिड आइडिया बताऊं।
    राजेशः हां , बता।
    श्यामः रास्ते से गुजरती लड़की को पीछे से जाकर पकड़ो।
    अगर लड़की हंस गई , तो समझ लो वो फंस गई।
    राजेशः और अगर वो चिल्लाई तो।
    श्यामः अरे यार फिर कह देना …दीदी डर गई , दीदी डर गई।

    ………………………………..
    एक आदमी अपनी बीवी सेः आज तुमने खाना बनाने में फिर देर कर दी। रहने दो मेरे लिए अब खाना मत बनाना। मैं बाहर ही खा लूंगा।
    बीवीः बस पांच मिनट रुकिए।
    पतिः क्या पांच मिनट में खाना बन जाएगा ?
    बीवीः नहीं बाहर खाना खाने के लिए मैं भी तैयार हो जाऊंगी।

    ………………………………………………..
    एक बार संता और बंता जंगल से गुजर रहे थे। तभी वहां एक शेर आ गया।
    संता ने शेर की आंखों में मिट्टी डाली और भागने लगा , मगर बंता वहीं खड़ा रहा।
    संताः अरे बंता भाग , खड़ा क्यों हैं ? तुझे शेर खा जाएगा।
    बंताः मैं क्यों भागूं। शेर की आंखों में मिट्टी तो तूने डाली है।

    ………………………………………………………
    डिलिवरी के टाइम डॉक्टर ने महिला से पूछा : क्या आप डिलिवरी के टाइम बच्चे के बाप को अपने पास देखना पसंद करेंगी ?
    महिला बोलीः नहीं , उसे मेरे पति पसंद नहीं करते !

    ……………………………………………………..
    एक लड़की अपने बॉयफ्रेंड से मिलने के बाद घर आई तो उसकी ममी ने पूछा – कैसी रही मीटिंग ?
    लड़कीः जब पार्टी के बाद हम घर आने लगे तो उसने कार को सुनसान जगह पर रोका और मेरे कपड़ों पर हाथ फेरने लगा। लेकिन मैंने उसे फूल बना दिया। उसे क्या पता कि मैंने पैसे तो अपनी जूते में छुपाए थे।

    • 17 years ago

    saaja

    • 17 years ago

    Aap to Dil ki bat hi kah. kya bat h………..

    • 17 years ago

    मुझे दर्द ऐ इश्क का मज़ा मालूम है,
    दर्द ऐ दिल की इन्तहा मालूम है,
    जिंदगी भर मुस्कुराने की दुआ ना देना,
    मुझे पल भर मुस्कुराने की सज़ा मालूम है…

    आज कुछ कमी है तेरे बगैर,
    न रंग है न रौशनी है तेरे बगैर,
    वक्त अपनी रफ्तार से चल रहा है,
    बस धड़कन थमी है तेरे बगैर…

    मोहबत के बिना जिंदगी फिजूल है
    पर मोहब्बत के भी आपने उसूल है
    कहते है मिलती है मोहब्बत में बहुत उलफते
    पर आप हो महबूब तो सब कुबूल है…

    मत कर मेरे दोस्त हसीनो से मोहब्बत
    वो आँखों से वार करती हैं
    मैंने इन्ही आँखों से देखा है
    कि वो कितनो से प्यार करती हैं

    उनकी मोहब्बत के अभी निशान बाकी है,
    नाम लब पर है और जान बाकी है .
    क्या हुआ अगर देख कर मुह फेर लेते है,
    तसल्ली है कि शकल की पहचान बाकी है …

    नज़र ने नज़र से मुलाक़ात कर ली,
    रहे दोनों खामोश पर बात करली…
    मोहब्बत की फिजा को जब खुश पाया,
    इन आंखों ने रो रो के बरसात कर ली…

    तेरी हर अदा मोहब्बत सी लगती है,
    1 पल की जुदाई मुद्दत सी लगती है,
    पहले नही सोचा था अब सोचने लगे है हम,
    जिंदगी के हर लम्हों में तेरी ज़रूरत सी लगती है

    मोहब्बत में लाखों ज़ख्म खाए हमने,
    अफ़सोस उन्हें हम पर ऐतबार नही,
    मत पूछो क्या गुजरती है दिल पर,
    जब वो कहते है हमें तुमसे प्यार नही..

    • 17 years ago

    bahut shaandar,lage raho mere bhai.

    • 18 years ago

    apka yeh sher bahoot acha laga , lagta hai dil main kafi dard hai jo jubaan par aa gaya. thanks

    • 18 years ago

    hello good afternoon

    • 18 years ago

    Namaste Mausaji,
    Read ur liOns…..
    Both were vEry nicE…
    would love to heAr mOre from yOu:)

    • 18 years ago

    thanks for this

    • 18 years ago

    Are these ashaar composed by you?

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