व्यवसाय वृद्धि-कारक प्रयोग व्यवसाय वृद्धि-कारक प्रयोग १॰ दुकान में लोबान की धूप लगानी चाहिए। २॰ शनिवार के दिन दुकान के मुख्य द्वार पर बेदाग नींबू एवं सात मिर्चें लटकानी चाहिए। ३॰ नागदमन के पौधे की जड़ लाकर इसे दुकान के बाहर लगा देना चाहिए। इससे बंधी दुकान खुल जाती है। ४॰ दुकान के गल्ले में शुभ मुहूर्त में… Read More Like this:Like Loading…
आज का दिन कैसा बीतेगा आज का दिन कैसा बीतेगा पंचांग से वर्त्तमान नक्षत्र ज्ञात करें। फिर दिए गये चक्र के समान एक चक्र बनायें। इस चक्र में जहां १ लिखा है, वहां उस दिन का प्रातःकालीन नक्षत्र को लिखकर उससे आगे के नक्षत्रों को क्रमशः २, ३, ४ आदि अंकों के स्थान पर लिखते हुए अभिजित् सहित २८… Read More Like this:Like Loading…
स्वर-विज्ञान स्वर विज्ञान प्राण वायु मनुष्य के शरीर में श्वास लेने पर नासिका के माध्यम से प्रवेश करती है। नासिका में दो छिद्र होते हैं, जो बीच में एक पतली हड्डी के कारण एक दूसरे से अलग रहते हैं। मनुष्य कभी दाहिने छिद्र से और कभी बाँएँ छिद्र से श्वास लेता है। दाहिने छिद्र से श्वास… Read More Like this:Like Loading…
भविष्य-ज्ञान-प्रश्नावली भविष्य-ज्ञान-प्रश्नावली ९ १६ २ ७ ६ ३ १३ १२ १५ १० ८ १ ४ ५ ११ १४ यह प्रश्नावली चौंतीसा यन्त्र के आधार पर बनाई गई है। प्रश्न करने वाला श्री सच्चिदानन्द स्वरुप भगवान् का स्मरण कर नीचे लिखे प्रश्नों में से अपने प्रश्न का उच्चारण करे तथा बाँयी ओर दिये ३४सा यन्त्र के किसी… Read More Like this:Like Loading…
रमल प्रश्नावली रमल प्रश्नावली इस प्रश्नावली का तरीका है कि चंदन की लकड़ी का चौकोर पासा बनाकर उस पर १, २, ३, ४ खुदवा लें। फिर अपने कार्य का चिंतन करते हुए तीन बार पासा छोड़ें। उसका जो अंक आये, उसी अंक पर फल देखें। यदि किसी के पास पासा नहीं हो तो, नीचे दी गई सारणी… Read More Like this:Like Loading…
दाम्पत्य सुख के उपाय दाम्पत्य सुख के उपाय १॰ यदि जन्म कुण्डली में प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, द्वादश स्थान स्थित मंगल होने से जातक को मंगली योग होता है इस योग के होने से जातक के विवाह में विलम्ब, विवाहोपरान्त पति-पत्नी में कलह, पति या पत्नी के स्वास्थ्य में क्षीणता, तलाक एवं क्रूर मंगली होने पर जीवन साथी की मृत्यु… Read More Like this:Like Loading…
तिथि-Tithi(Day) तिथि अंग्रेजी पंचांग के अनुसार दिन का आरम्भ मध्य रात्रि से माना जाता है। इसका समय निर्धारण मध्याह्न सूर्य से ही होता है, किन्तु तिथि के आरम्भ का आधार एक मान्यता एवं अन्तर्राष्ट्रीय समझौते पर ही आधारित है। इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है, जबकि भारतीय पंचांगों में तिथि का आधार पूर्ण वैज्ञानिक है जो… Read More Like this:Like Loading…
चन्द्र-ग्रहण चन्द्र-ग्रहण निकट भविष्य में १६/१७ अगस्त २००८ को चन्द्र ग्रहण होना है। यह ग्रहण श्रावण शुक्ल, शनिवार को मध्यवर्त्ती रात्री में पूरे भारत में खण्डग्रास के रुप में दिखाई देगा। इस ग्रहण का प्रारम्भ, मध्य एवं समाप्तिकाल इस प्रकार है- ग्रहण प्रारम्भ १॰०५ घं॰मि॰, ग्रहण मध्य २॰४० घं॰मि॰, ग्रहण समाप्त ४॰१४ घं॰मि॰ पर्व काल ३॰०९… Read More Like this:Like Loading…