निवास स्थान का चयन निवास स्थान का चयन स्वरशास्त्रानुसार किसी व्यक्ति के निवास के लिये उपयुक्त नगर और उसकी दिशा का चयन करते हैं। सबसे पहले हम निवास के लिये उपयुक्त नगर के चयन को लेते हैं। नगर का चयन दो प्रकार से किया जाता है। १॰ नगर और व्यक्ति की नामराशियों से। २॰ नगर और व्यक्ति की कांकिणी… Read More Like this:Like Loading…
हस्तरेखा और आर्थिक सम्पन्नता हस्तरेखा और आर्थिक सम्पन्नता ॰ यदि अंगुलियों कर पर्व लम्बे हो तो जातक धनी होने के साथ-साथ दीर्घायु भी प्राप्त करता है। ॰ यदि कनिष्ठा अँगुली का नाखुन अनामिका अँगुली के द्वितीय पर्व से आगे निकलकर तीसरे पर्व तक जाये तो जातक को कभी भी धन का अभाव नहीं होता। ॰ यदि कनिष्ठा एवं अनामिका… Read More Like this:Like Loading…
गोवर्धन पर्वत धारण करने पर नीचे की भुमि जलमग्न क्यों नहीं हुई? गोवर्धन पर्वत धारण करने पर नीचे की भुमि जलमग्न क्यों नहीं हुई? एक समय शिवजी ने पार्वती जी के सामने सन्तों की बड़ी महिमा गाई। सन्तों की महिमा सुनकर पार्वती जी की श्रद्धा उमड़ी और उसी दिन उन्होंने श्री अगस्त्य मुनि को भोजन का निमन्त्रण दे डाला तथा शिवजी को बाद में इस बाबत बतलाया… Read More Like this:Like Loading…
शंकराचार्य परम्परा शंकराचार्य परम्परा आद्यगुरु शंकराचार्य ने सनातन धर्म के कल्याणार्थ सम्पूर्ण भारत में पृथक्-पृथक् दिशाओं में चार मठों की स्थापना की। ये मठ हैं- १॰ वेदान्त ज्ञानमठ, श्रृंगेरी (दक्षिण भारत) २॰ गोवर्धन मठ, जगन्नाथपुरी (पूर्वी भारत) ३॰ शारदा (कालिका) मठ, द्वारका (पश्चिम भारत) ४॰ ज्योतिर्पीठ, बद्रिकाश्रम (उत्तर भारत) शंकराचार्य जी ने इन मठों की स्थापना के… Read More Like this:Like Loading…
सीता स्वयंवर में अयोध्या नरेश को आमंत्रण क्यों नहीं? सीता स्वयंवर में अयोध्या नरेश को आमंत्रण क्यों नहीं? राजा जनक के शासनकाल में एक व्यक्ति का विवाह हुआ। जब वह पहली बार सज-सँवरकर ससुराल के लिए चला, तो रास्ते में चलते-चलते एक जगह उसको दलदल मिला, जिसमें एक गाय फँसी हुई थी, जो लगभग मरने के कगार पर थी। उसने विचार किया कि गाय… Read More Like this:Like Loading…
ग्रह पीड़ा निवारक टोटके ग्रह पीड़ा निवारक टोटके- सूर्य १॰ सूर्य को बली बनाने के लिए व्यक्ति को प्रातःकाल सूर्योदय के समय उठकर लाल पूष्प वाले पौधों एवं वृक्षों को जल से सींचना चाहिए। २॰ रात्रि में ताँबे के पात्र में जल भरकर सिरहाने रख दें तथा दूसरे दिन प्रातःकाल उसे पीना चाहिए। ३॰ ताँबे का कड़ा दाहिने हाथ… Read More Like this:Like Loading…
व्यवसाय वृद्धि-कारक प्रयोग व्यवसाय वृद्धि-कारक प्रयोग १॰ दुकान में लोबान की धूप लगानी चाहिए। २॰ शनिवार के दिन दुकान के मुख्य द्वार पर बेदाग नींबू एवं सात मिर्चें लटकानी चाहिए। ३॰ नागदमन के पौधे की जड़ लाकर इसे दुकान के बाहर लगा देना चाहिए। इससे बंधी दुकान खुल जाती है। ४॰ दुकान के गल्ले में शुभ मुहूर्त में… Read More Like this:Like Loading…
आज का दिन कैसा बीतेगा आज का दिन कैसा बीतेगा पंचांग से वर्त्तमान नक्षत्र ज्ञात करें। फिर दिए गये चक्र के समान एक चक्र बनायें। इस चक्र में जहां १ लिखा है, वहां उस दिन का प्रातःकालीन नक्षत्र को लिखकर उससे आगे के नक्षत्रों को क्रमशः २, ३, ४ आदि अंकों के स्थान पर लिखते हुए अभिजित् सहित २८… Read More Like this:Like Loading…
स्वर-विज्ञान स्वर विज्ञान प्राण वायु मनुष्य के शरीर में श्वास लेने पर नासिका के माध्यम से प्रवेश करती है। नासिका में दो छिद्र होते हैं, जो बीच में एक पतली हड्डी के कारण एक दूसरे से अलग रहते हैं। मनुष्य कभी दाहिने छिद्र से और कभी बाँएँ छिद्र से श्वास लेता है। दाहिने छिद्र से श्वास… Read More Like this:Like Loading…
भविष्य-ज्ञान-प्रश्नावली भविष्य-ज्ञान-प्रश्नावली ९ १६ २ ७ ६ ३ १३ १२ १५ १० ८ १ ४ ५ ११ १४ यह प्रश्नावली चौंतीसा यन्त्र के आधार पर बनाई गई है। प्रश्न करने वाला श्री सच्चिदानन्द स्वरुप भगवान् का स्मरण कर नीचे लिखे प्रश्नों में से अपने प्रश्न का उच्चारण करे तथा बाँयी ओर दिये ३४सा यन्त्र के किसी… Read More Like this:Like Loading…